हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हुज्जतुल इस्लाम इलयास नज्जारी, हमदान प्रांत के सिपाह अंसारुल हुसैन (अ.स..) में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि कार्यालय के प्रमुख ने कल हमदान स्थित आयतुल्लाह आख़ूंद मदरसे की लाइब्रेरी में प्रांत के सिपाह में कार्यरत उलेमा और छात्रों की मौसमी बैठक में रबीउल अव्वल के महीने की फज़ीलत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह महीनों का बहार है और इसमें अल्लाह की रहमत के आसार स्पष्ट दिखाई देता हैं।
इस महीने में ईश्वर की व्यापक दया के खजाने धरती पर उतरते हैं और इसी महीने पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स.ल.) का शुभ जन्म हुआ। इसलिए सभी लोगों पर इस महीने का सम्मान करना आवश्यक है।
उन्होंने शहीद क्रांति नेता की ओर से छात्रों के लिए दी गई नसीहतों का उल्लेख करते हुए कहा कि पढ़ाई को गंभीरता से लेना, छात्रों की वैज्ञानिक और शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करना, धार्मिक छात्र होने की गरिमा और जिम्मेदारियों को समझना तथा इस्लामी नैतिकता अपनाना महत्वपूर्ण है।
इसी तरह इमाम ख़ुमैनी (र.ह.) की इस नसीहत पर अमल करना कि आध्यात्मिक पूंजी बढ़ाई जाए और जीवन का एक घंटा भी व्यर्थ न जाने दिया जाए, उन महत्वपूर्ण बातों में शामिल है जिनके प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।
हमदान प्रांत के सिपाह अंसारुल हुसैन (अ.स.) में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि कार्यालय के प्रमुख ने आगे कहा कि हाल के दिनों में सिपाह पासदारान में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि ने अपने भाषणों में राजनीतिक मामलों में संगठनात्मक एकता पर विशेष जोर दिया है और इस बात को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाया जाना चाहिए।
उन्होंने दुश्मन की साजिशों की ओर संकेत करते हुए कहा कि दुश्मन देश में मतभेद पैदा करने और विशेष रूप से सिपाह के भीतर अनेक आवाज़ें पैदा करने की कोशिश कर रहा है। इसलिए हमें सतर्क रहना चाहिए, उसके धोखे में नहीं आना चाहिए और समाज में उठाए जा रहे सवालों और शंकाओं का उचित एवं संतोषजनक उत्तर देने का प्रयास करना चाहिए।
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